खा खा के फोकट कका, लोगन होय अलाल।
काम काज कछु नइ करय, बइठ झड़कथे माल।
बइठ झड़कथे, माल मलाई, कुकरा दारू।
जांगर कोढ़ी, होथे मनखे , बनय बजारू।
मार गरब मा,बोल उराठिल, बोलय भाखा।
जंग अभी तक जारी है।
इस दौर में भी, इस हाल में भी।इस लड़खड़ाती चाल में भी।लड़ना तो फिर भी पड़ता है,घिर कर संकट काल में भी।दिल में जब तक चिंगारी है।एक जंग अभी तक जारी है।बैरी है बलवान तो क्या?छुपा हुआ पहचान तो क्या?हतास नहीं, निराश नहीं,मजबूर हुआ इन्सान तो क्या?अभी हार कहाँ हमने माना,क्या हुआ कि कुछ लाचारी है।एक जंग अभी तक जारी है।घुटनों पर हूँ, पर गिरा नहीं।मुश्किल में हूँ, पर घिरा नहीं।चल चल चल अभी चलना है,हूँ दूर बहुत, पर फिरा नहीं।मंजिल तक जाना है मुझको,कोई बात नहीं दुस्वारी है।एक जंग अभी तक जारी है।है सांस जहां तक दौडूंगा।उम्मीद नहीं मैं छोडूंगा।जीवन है जीना ही होगा,मैं डर कर मुँह न मोडूंगा।कुछ लेना है कुछ देना है,ले चुकाने दे जो उधारी है।एक जंग अभी तक जारी है।
सच कहे ले काय होही।झूठ हर भरमाय होही।जे लबारी मार लेथे,पेट भर के खाय होही।देश आगी मा जरत हे,कोई तो सुलगाय होही।पोठ पहरा हे पुलिस के,चोर मन जुरियाय होही।भूख मा लइका बिलखथे,भात दाई लाय होही।मँय इँहा बिजहा मया के,बोंय हँव ममहाय होही।छोड़ देअब तँय सियानी,शेर मन हा गाय होही।फेर मनमाने पियत हे,आज धोका पाय होही।मापनी 2122 2122
you tube में सुने साँस मोरे जब जुड़ावय, तोर अचरा पाँव। जब जनम लँव मँय दुबारा, तोर ममता छाँव। मोर दाई तोर बर हम , हाँस के दँन प्र...