सच कहे ले काय होही।झूठ हर भरमाय होही।जे लबारी मार लेथे,पेट भर के खाय होही।देश आगी मा जरत हे,कोई तो सुलगाय होही।पोठ पहरा हे पुलिस के,चोर मन जुरियाय होही।भूख मा लइका बिलखथे,भात दाई लाय होही।मँय इँहा बिजहा मया के,बोंय हँव ममहाय होही।छोड़ देअब तँय सियानी,शेर मन हा गाय होही।फेर मनमाने पियत हे,आज धोका पाय होही।मापनी 2122 2122
मथुरा प्रसाद वर्मा एक क्रियाशील शिक्षक है साथ ही एक कवि और साहित्यकार है . छत्तीसगढ़ी भाषा साहित्य के
- मथुरा प्रसाद वर्मा 'प्रसाद'
- कोलिहा लवन , बलौदाबजार, छत्तीसगढ, India
- नाम- मथुरा प्रसाद वर्मा पिता- स्व. जती राम वर्मा माता- श्रीमती पितरबाई वर्मा जन्मतिथि- 22-06-1976 जन्मस्थान - ग्राम -कोलिहा, जिला-बलौदाबाजार (छ ग ) कार्य - शिक्षक शा पु मा शाला लहोद, जिला बलौदाबाजार भाटापारा शिक्षा - एम् ए ( हिंदी साहित्य, संस्कृत) डी एड लेखन- कविता, गीत, कहानी,लेख,
छत्तीसगढ़ी गजल : सच कहें ले काय होही।
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1 टिप्पणी:
बहुत सुग्घर
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