मत्तगयंद सवैया
7 भगण(211) 2 गुरु
211 211 211 211 211 211 211 22
माखन ला घर के नइ खावय जा पर के घर चोर कहाथे।
दूध दही घर मोर भरे हड़िया हड़िया सब लोग नहाथे।
काय सखी मँय बात कहौ सब ग्वालन मोर करा अटियाथे ।
ये बिलवा किसना हर मोर गली घर गाँव म नाक कटाथे।
you tube में सुने साँस मोरे जब जुड़ावय, तोर अचरा पाँव। जब जनम लँव मँय दुबारा, तोर ममता छाँव। मोर दाई तोर बर हम , हाँस के दँन प्र...
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