होरी हर मन मा जलय, मिटय कुमत कुविचार।मथुरा मया गुलाल ले, नाचय बीच बजार।नाचय बीच बाजार, फाग गा गा संगी।मदहा समझय लोग, समझ ले कोई भंगी।पिचकारी भर रंग, छन्द बरसाहँव गोरी।साधक सब सकलाय, मात गे हमरो होरी।
you tube में सुने साँस मोरे जब जुड़ावय, तोर अचरा पाँव। जब जनम लँव मँय दुबारा, तोर ममता छाँव। मोर दाई तोर बर हम , हाँस के दँन प्र...
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